शनिवार, 10 सितंबर 2011

सिद्धपीठ माँ वाराही में रक्षाबंधन का दिन..

श्रावण मास की पूर्णिमा का दिन जहाँ समूचे भारतवर्ष में रक्षाबंधन के रूप में पूरे हर्षोल्लास के साथ बहनों का अपने अपने भाई के प्रति स्नेह के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है वहीं हमारे देश में ऐक स्थान ऐसा भी है जहाँ इस दिन सभी बहनें अपने अपने भाइयों को युद्ध के लिये तैयार कर युद्ध के अस्त्र के रूप में उपयोग होने वाले पत्थरों से सुसज्जित कर विदा करती हैं। यह स्थान है उत्राखण्ड राज्य का सिद्धपीठ माँ वाराही का देवीधुरा स्थल। इस बार के ग्रीष्मावकाश मे वहाँ जाने का अवसर मिला सो यहाँ की कुछ अनोखी परंपराओं केा आपके साथ बाँट रहा हूँ।
चित्र-1 देवीधुरा कस्बे का विहंगम दृष्य

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

लोकप्रिय पोस्ट